🔳 रुधिर 🔳
▪️कुल रुधिर का लगभग 55 प्रतिशत भाग प्लाज्मा तथा शेष 45 प्रतिशत भाग रुधिराणु होता है।
▪️रुधिराणु तीन प्रकार के होते हैं- (1) लाल रक्त कणिकाएं (2) श्वेत रुधिराणु तथा (3) प्लेटलेट्स।
▪️ प्लाज्मा में लगभग 91 प्रतिशत जल तथा शेष 9 प्रतिशत भाग में विभिन्न प्रकार के अकार्बनिक और कार्बनिक पदार्थ होते हैं।
▪️लाल रुधिराणु कुल रुधिर का लगभग 40 प्रतिशत भाग होते हैं। यह रुधिर का कोशिकीय भाग है। रुधिराणु की लगभग 90 प्रतिशत लाल रक्त कणिकाएं होती हैं। ये केवल कशेरुकी प्राणियों में ही पाए जाते हैं।
▪️लाल रुधिराणुओं में हीमोग्लोबिन नामक लौह-युक्त प्रोटीन पाई जाती है। हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन का परिवहन करता है, इसमें हीम नामक लाल रंग का पदार्थ पाया जाता है, जो इसे लाल रंग प्रदान करता है।
▪️ रोगों के प्रति प्रतिरक्षा प्रदान करने का कार्य श्वेत रक्त कणिकाएं करती हैं, जिन्हें 'वीर सिपाही' की संज्ञा से अभिहित किया जाता है।